भारत में आंखों की रोशनी बढ़ाने की आयुर्वेदिक दवा से संबंधित कई तरह के रोग होते हैं। इनमें से कुछ आम आंखों के रोग हैं जैसे कि नेत्र धुंधलापन, नेत्र सूजन, नेत्र जलन, नेत्र खुजली, नेत्रों से पानी आना, नेत्रों से कीड़े आदि। इसके अलावा, अन्य गंभीर नेत्र रोग होते हैं जैसे कि ग्लॉकोमा, शुष्क आँख, आँख में सूजन, दृष्टि कमजोरी आदि। ये सभी रोग आंखों के स्वास्थ्य और दृष्टि को प्रभावित करते हैं और उचित उपचार की जरूरत होती है।आइए आगे पढते है आंखो को कैसे स्वस्थ रखा जाए ।
आंखों की रोशनी बढ़ाने की आयुर्वेदिक दवा
आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं में कुछ प्रमुख उपचार होते हैं। इनमें कुछ आम उपचार हैं जैसे कि आंखों के उपचार के लिए अश्वगंधा, शतावरी, अमलकी और त्रिफला जैसी जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जाता है।ये जड़ी-बूटियां आंखों को सुदृढ़ और स्वस्थ बनाने में मदद करती हैं और आंखों के दुष्प्रभावों से लड़ने में भी मदद करती हैं। अश्वगंधा, शतावरी और अमलक का सेवन आंखों की रोशनी बढ़ाने के साथ-साथ आंखों की संरचना भी सुधारता है।
त्रिफला आंखों की स्वस्थता को बढ़ाने में मदद करती है और आंखों से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा दिलाती है। त्रिफला के तीन अधिकारी बादामी रंग के होते हैं और यह बार-बार खुराक लेने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
अश्वगंधा, शतावरी, अमलकी गुलाब जल और त्रिफला आंखो के लिए क्यों उपयोगी है १
अश्वगंधा, शतावरी, अमलकी और त्रिफला सभी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों हैं जो आंखों के लिए उपयोगी होते हैं। ये जड़ी-बूटियां आंखों को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं और अन्य लाभ भी प्रदान करती हैं:
अश्वगंधा: अश्वगंधा एक जड़ी-बूटी है जो आंखों को स्वस्थ रखने में मदद करती है। इसमें विटामिन ए और सी, जिन्क, आयरन, पोटेशियम और ब्राम्ही जैसे गुण होते हैं जो आंखों के लिए उपयोगी होते हैं। अश्वगंधा आंखों के दृष्टि संबंधी विकारों, जैसे उदासी, अनियमित दृष्टि आदि से बचाता है।
शतावरी: शतावरी आंखों के लिए बहुत उपयोगी होती है। इसमें बहुत से पोषक तत्व होते हैं, जिनमें विटामिन ए, सी, एलडी, जिंक और कालियम शामिल होते हैं जो आंखों के लिए बेहद उपयोगी होते हैं। यह आंखों की रोशनी बढ़ाने, अक्षयता कम करने और आंखों की रोगों से बचाने में मदद करती है।
अमलक: अमलक या आंवला में विटामिन सी, ए और एलडी, एन्टीऑक्सिडेंट्स, फाइबर और अमिनो एसिड्स शामिल होते हैं जो आंखों के लिए बहुत उपयोगी होते हैं। यह आंखों की रोशनी बढ़ाता है और उन्हें स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके सेवन से आंखों के विभिन्न रोगों से बचा जा सकता है जैसे आँखों का लाल होना, आँखों का डर दूर करना और अन्य रोगों से बचाने में मदद करता है।
त्रिफला: त्रिफला में विटामिन सी, ए, एलडी, एन्टीऑक्सिडेंट्स, फाइबर और कई और पोषक तत्व होते हैं। इसे नेत्र रसायन के रूप में जाना जाता है जो आंखों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। त्रिफला आंखों के दृष्टि को मजबूत बनाता है, आंखों को संयमित रखने में मदद करता है और अन्य रोगों से बचाने में मदद करता है, जैसे कि आँखों का लाल होना।
गुलाब जल: गुलाब जल एक अन्य प्रभावी घरेलू उपाय है, जो आंखों के लिए उपयोगी होता है। गुलाब जल में विशेष रूप से गुलाब के पत्तों से उत्पन्न तरल शामिल होता है जो आंखों के लिए फायदेमंद होता है।
अश्वगंधा, शतावरी, अमलक गुलाब जल और त्रिफला का सेवन आप निम्नलिखित तरीकों से कर सकते हैं:
अश्वगंधा:
- अश्वगंधा पाउडर को शहद या दूध के साथ मिलाकर लेना सर्वोत्तम होता है। आप इसे दिन में दो बार ले सकते हैं, एक बार सुबह और एक बार रात को।अश्वगंधा चूर्ण: आप अश्वगंधा के चूर्ण को गर्म पानी में मिलाकर इसे आँखों के चारों ओर लगाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। यह आपकी आंखों के लिए बहुत उपयोगी होगा।अ
- श्वगंधा तेल: आप अश्वगंधा के तेल को आंखों के नीचे लगा सकते हैं। इसे रात में सोते समय लगाएं। यह आपकी आंखों को ठंडा और शांत बनाए रखेगा और आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करेगा।
शतावरी:
- शतावरी चूर्ण को गर्म पानी या दूध में मिलाकर ले सकते हैं। आप इसे दिन में दो बार ले सकते हैं, एक बार सुबह और एक बार रात को।
- शतावरी पाउडर: आप शतावरी का पाउडर गर्म पानी के साथ मिलाकर इसे आंखों के चारों ओर लगा सकते हैं। इसे एक माहवारी तक रोजाना दो बार लगाएं।
- शतावरी चूर्ण: आप शतावरी का चूर्ण दूध या पानी के साथ ले सकते हैं। इसे रोजाना दो बार लें।
- शतावरी का तेल: आप शतावरी के तेल को आंखों के नीचे लगा सकते हैं। इसे रात में सोते समय लगाएं।
अमलकी:
- अमलकी चूर्ण को गर्म पानी में मिलाकर ले सकते हैं। आप इसे दिन में दो बार ले सकते हैं, एक बार सुबह और एक बार रात को।
- अमलकी का रस: आप अमलकी का रस निकाल सकते हैं और इसे आंखों में डाल सकते हैं। इसे रोजाना दो बार लगाएं।
- अमलकी पाउडर: आप अमलकी का पाउडर दूध या पानी के साथ ले सकते हैं। इसे रोजाना दो बार लें।
- अमलकी घी: आप अमलकी घी बना सकते हैं और इसे आंखों के आसपास लगा सकते हैं।
- अमलकी चूर्ण: आप अमलकी का चूर्ण दूध या पानी के साथ ले सकते हैं। इसे रोजाना दो बार लें।
त्रिफला:
- त्रिफला चूर्ण को गर्म पानी में मिलाकर ले सकते हैं। आप इसे दिन में दो बार ले सकते हैं, एक बार सुबह और एक बार रात को।
- त्रिफला चूर्ण: आप त्रिफला चूर्ण को गर्म पानी के साथ ले सकते हैं। इसे रोजाना दो बार लें। यह आपकी आंखों के लिए फायदेमंद होता है और साथ ही आपके शरीर के अन्य अंगों के लिए भी लाभदायक होता है।
- त्रिफला रस: आप त्रिफला का रस निकाल सकते हैं और इसे आंखों में डाल सकते हैं। इसे रोजाना दो बार लगाएं।
- त्रिफला घन: आप त्रिफला घन बना सकते हैं और इसे आंखों के आसपास लगा सकते हैं। यह आपके आंखों को ठंडक प्रदान करता है और उन्हें ताजगी देता है।
गुलाब जल:
- गुलाब जल को रोजाना आंखों पर लगाएं। आप इसे आंखों के आसपास के क्षेत्रों पर भी लगा सकते हैं।
- आप एक छोटी गाजर लें और इसे गुलाब जल में भिगो दें। उसके बाद, आप इस गाजर को अपनी आंखों के आसपास रख सकते हैं। यह आपकी आंखों को आराम प्रदान करता है और उन्हें स्वस्थ रखने में मदद करता है।
- आप एक छोटी कप में गुलाब जल लें और इसे आंखों के चारों ओर कुछ देर रखें। यह आपके आंखों को ठंडक प्रदान करता है और उन्हें ताजगी देता है।
आंखो को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाए -
आंखों को स्वस्थ रखने के लिए आप इस प्रकार के आहार खाने का प्रयास कर सकते हैं:- विटामिन A: आपकी आंखों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन A की अधिक मात्रा आवश्यक होती है। संतरे, अमरूद, गाजर, सेम, पालक आदि विटामिन A की अच्छी स्रोत होते हैं।
- विटामिन C: विटामिन C भी आंखों के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। नींबू, संतरा, अमला, काली मिर्च, टमाटर आदि विटामिन C के अच्छे स्रोत होते हैं।
- विटामिन E: विटामिन E भी आंखों के लिए उपयोगी होता है। अखरोट, बादाम, अंडे आदि विटामिन E के अच्छे स्रोत होते हैं।
- प्रोटीन: प्रोटीन आंखों के स्वस्थ विकास के लिए बहुत आवश्यक होता है। अंडे, मछली, दही, सोयाबीन आदि अच्छे प्रोटीन स्रोत होते हैं।
- खाने के तेल: अच्छे तेल आंखों के लिए भी बहुत अच्छे होते हैं। तेलीय मछली, तिल का तेल, जैतून का तेल आदि तेलों में आंखों के लिए अच्छे फैट्स होते हैं।
आंखो के लिए कोनसा योग करना चाहिए
- योग आंखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी होता है। कुछ योगासन निम्नलिखित हैं जो आंखों के स्वास्थ्य को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं:
- त्राटक: इसमें आपको अपनी नाक के सामने दिए गए एक बिंदु या तीर को देखना होता है और उसे बिना झपकी लगाए देखते रहना होता है। यह आंखों की शक्ति को बढ़ाता है और आंखों की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
- पलक टकराव: इसमें आपको अपनी पलकों को एक-दूसरे से टकराना होता है। यह आंखों की मांसपेशियों को मजबूत करता है और आंखों की नसों को उन्नत करता है।
- शवासन: इसमें आपको लेट जाकर आराम करना होता है। आपको सांस लेने और छोड़ने के समय ध्यान केंद्रित करना होता है। यह आंखों की शांति और सुधार के लिए मददगार होता है।
- योग निद्रा: इसमें आपको अपने शरीर को धीरे-धीरे शांत करना होता है और आपको ध्यान केंद्रित करना होता है। इससे आपकी आंखों को आराम मिलता है ।
.png)
.jpeg)