गर्मियों में होने बाली बीमारिया में दिन के समय तापमान बहुत उच्च होता है और धूप के कारण जल्दी से जल्दी त्वचा और शरीर के ऊपरी हिस्से में झुलसते हुए पसीना निकलता है। इससे शरीर का तापमान बढ़ता है जो शरीर के अन्दर अंगों के परिपथों में अतिरिक्त ताप उत्पन्न करता है। जिससे गर्मियों में होने बाली बीमारिया बढ़ जाती है |
उमस भी गर्मियों में बहुत आम होता है जो शरीर के ऊपरी हिस्से से पसीना नहीं निकलने देता। इससे शरीर अधिक तापमान का सामना करता है और उसे गर्मी के दौरान थकान महसूस होती है और गर्मियों में होने बाली बीमारिया बढ़ जाती है।
चिपचिपाहट भी गर्मियों में बहुत आम होता है। यह आमतौर पर उंगलियों, बाहों और पैरों के बीच आवेश का कारण बनता है। यह उंगलियों और पैरों के बीच मोइस्चर और अन्य अधिक आवेशमय पदार्थों के कारण होता है। इससे शरीर के ऊपरी हिस्से से पसीना नहीं निकलता है और उसे गर्मी के दौरान असहज महसूस होता है।
गर्मियों में होने बाली बीमारिया - से वचाव के अचुक उपाय
गर्मियों में होने बाली बीमारिया के कारण शरीर के तापमान में वृद्धि होती है| यदि उपयुक्त ध्यान नहीं दिया जाता है, तो यह पसीना शरीर से अधिक होता है जो शरीर से तरलता की मात्रा को घटा देता है और गर्मियों में होने बाली बीमारिया शरीर को डिहाइड्रेशन की समस्या का सामना करना पड़ता है।गर्मियों में होने बाली बीमारिया विविध समस्याओं का कारण बन सकता है जैसे कि लू , सूखेपन डेहाइड्रेशन मलेरिया, टाइफाइड, खांसी, जुखाम, सिरदर्द जुकाम, भूख नहीं लगना, थकान, दर्द, और जलदर गुर्दे की समस्याएं आदि।गर्मियों में होने बाली बीमारिया से वचाव के अचूक उपाय निम्न लिखित है -
(1) लू से वचाव के अचुक उपाय
पानी की पर्याप्त मात्रा पीना: अधिक ठंडे पानी की पूर्ति से शरीर की नमी को बरकरार रखने में मदद मिलती है। लू के समय दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए।शीतल वस्तुओं का सेवन करें: लू के दौरान शीतल वस्तुओं का सेवन करना बहुत लाभकारी होता है। ये वस्तुएं जैसे ठंडे पानी से तैयार शरबत, नारियल पानी, ठंडे फलों का जूस, छाछ आदि लू से बचाने में मदद करती हैं।
ठंडे ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें: फल और सब्जियों में ठंडक होती है जो लू के समय शरीर को शीतलता प्रदान करती है। इसलिए, लू के समय फलों और सब्जियों का अधिक सेवन करना चाहिए।
सूखे खाने की जगह ठंडे खाने का सेवन करें: लू के समय सूखे खाने से बचना चाहिए। इसके बजाय ठंडे खाने जैसे कि सलाद, फल आदि का सेवन करें।
बाहर निकलने से पहले धूप से बचें: लू के समय धूप से बचना चाहिए।
(2) सूखेपन से वचाव के अचुक उपाय
पानी पीना: अधिक से अधिक पानी पीना बहुत लाभकारी होता है। दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है जो सूखेपन से बचाव करता है।थोड़ा सा तेल या मलाई लगाना: थोड़ा सा तेल या मलाई शरीर पर लगाने से शरीर का सूखापन दूर होता है।
सुन्दर त्वचा के लिए विशेष तेल उपयोग करें: त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाने के लिए विशेष तेलों का उपयोग किया जा सकता है। जैसे कि जैतून तेल, नारियल तेल, अलसी तेल, बादाम तेल आदि।
हर दिन एक से दो बार नहाएं: नहाने से पहले तेल या मलाई का इस्तेमाल करें। यह शरीर को नमी देता है और सूखेपन से बचाव करता है।
अलसी, जौ आदि का सेवन करें: अलसी, जौ आदि में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले फाइबर शरीर में नमी बनाए रखते हैं जो सूखेपन से बचाव करता है।
(3) डेहाइड्रेशन से वचाव के अचुक उपाय
पानी की अधिक मात्रा में सेवन करें: पानी शरीर के लिए बहुत जरूरी है और यदि आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं तो यह आपके शरीर से पानी की कमी का कारण बनता है। अधिकतम लोगों को दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए।नाश्ते में ज्यादा पानी वाले फल खाएं: कुछ फलों जैसे कि खीरा, तरबूज, सेब आदि ज्यादा पानी की मात्रा वाले फल होते हैं। इन फलों को नाश्ते में शामिल करने से आपके शरीर को जरूरी पानी की मात्रा मिलती है।
नमी से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं: अधिकतर तरल पदार्थों के अलावा, खाने में नमी से भरपूर खाद्य पदार्थ खाने से भी शरीर को जरूरी पानी की मात्रा मिलती है। इसमें सलाद, खीरे, तरबूज, नारियल जैसे खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं।
ठंडा दूध पीना: दूध में प्रोटीन और विटामिन डी जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते है |
MORE ARTICLE
(4) मलेरिया से वचाव के अचुक उपाय
मच्छरों से बचें: मलेरिया मच्छरों के काटने से होता है, इसलिए मच्छरों से बचने के लिए निम्न उपाय करें:मच्छर रिपेलेंट क्रीम का उपयोग करें
ज्यादा से ज्यादा अच्छे कपड़े पहनें जो आपके शरीर को मच्छरों से बचाते हैं।
मच्छरों के प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें, खासकर रात में।
घर को साफ रखें: मलेरिया मच्छरों के अतिरिक्त और भी कुछ कारणों से होता है जैसे अशुद्ध पानी और भूमि। घर को साफ रखने से मलेरिया जैसी बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।
अच्छी दैनिक देखभाल करें: अच्छी दैनिक देखभाल से आप अपनी सेहत को स्वस्थ रख सकते हैं। यह आपकी प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ाता है जो मलेरिया जैसी बीमारियों से लड़ने में मदद करती है। अपनी दिनचर्या में समय से पहले सोएं, संतुलित आहार लें और नियमित व्यायाम करें।
दवाओं का उपयोग करें: मलेरिया के इलाज के लिए विभिन्न प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं जैसे कि क्लोरोक्विन, हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन, आर्टेमिसिनिन आदि। दवाओं का उपयोग व्यक्ति के वय, सेहत स्थिति और मलेरिया के प्रकार पर निर्भर करता है। डॉक्टर या चिकित्सक की सलाह पर ही किसी भी दवा का उपयोग किया जाना चाहिए।
(5) टाइफाइड से वचाव के अचुक उपाय
स्वच्छता और स्वच्छता के नियमों का पालन करें: अच्छी स्वच्छता बरतने से टाइफाइड संक्रमण से बचाव किया जा सकता है। स्वच्छता के नियमों का पालन करना शामिल है - हाथ धोना, सफाई के लिए नलकूप का पानी प्रयोग करना, खाने के बाद हाथ धोना, सब्जियों और फलों को धोना आदि।पीने के पानी की जाँच करें: सही संरचना वाली स्थानीय जल साधनों का प्रयोग करें और पीने के पानी को उबाल कर प्रयोग करें।
हाइजीनिक आहार का सेवन करें: अच्छे दर्जे के हाइजीनिक आहार का सेवन करें। आपके भोजन में संतुलित मात्रा में विटामिन सी, जिंक और अन्य पोषक तत्व होने चाहिए।
टाइफाइड टीकाकरण लें: टाइफाइड के खिलाफ टीकाकरण लें। टीकाकरण रोग के विरोधी शक्ति को बढ़ाता है और आपको संक्रमण से बचाता है।
(6) खांसी से वचाव के अचुक उपाय
गुड़ और नौशादर चीजें खाएं: मुंह में रसोई साल्ट को अपने जीवन में जोड़ें और ज्यादा गर्म खाद्य पदार्थों से बचें। ज्यादा विटामिन सी और एन्टीऑक्सिडेंट युक्त खाद्य पदार्थों जैसे लीमों, ओरेंज, नींबू, अमरूद आदि का सेवन करें।अदरक का उपयोग करें: खांसी में अदरक का उपयोग करना बहुत फायदेमंद हो सकता है। एक छोटी कटी हुई अदरक को शहद के साथ मिलाकर सेवन करना खांसी से राहत प्रदान कर सकता है।
नम गर्म पानी के साथ गरारे करें: नम गर्म पानी के साथ गरारे करने से गले में जमे कफ का असर कम होता है। इससे आपकी खांसी कम हो सकती है।
सुखी खांसी के लिए मधुमक्खी शहद: सुखी खांसी में मधुमक्खी शहद का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है।
(7) सिरदर्द जुकाम से वचाव के अचुक उपाय
ठंडी चीजों से बचें: सिरदर्द और जुकाम की स्थिति में ठंडी चीजों से बचें। अपने सिर को गरम रखने के लिए एक गर्म तुल्याकार टॉवल से सिर को ढकें।विश्राम करें: आराम और पूरे नींद लेना सिरदर्द और जुकाम को कम कर सकता है।
गुड़ खाएं: गुड़ खाना और गुड़ वाली चीजें खाना शरीर को ठंडक प्रदान कर सकता है और सिरदर्द और जुकाम को कम कर सकता है।
अदरक और शहद का सेवन करें: अदरक और शहद का सेवन करना सिरदर्द और जुकाम को कम करने में मदद कर सकता है। एक चम्मच अदरक को गर्म पानी में मिलाकर पिएं या एक चम्मच शहद लें।
गर्म चाय और सूप पीएं: गर्म चाय और सूप पीना सिरदर्द और जुकाम को कम कर सकता है। इनमें मेथी, अदरक, लहसुन, तुलसी आदि शामिल हो सकता है |
(8) भूख नहीं लगना से वचाव के अचुक उपाय
भूख न लगना कई कारणों से हो सकता है जैसे शारीरिक कमजोरी, थकान, तनाव, डायबिटीज, कैंसर, माइक्रोन्यूट्रिएंट की कमी, इंफेक्शन आदि। यहां कुछ उपाय हैं जो भूख लगने में मदद कर सकते हैं:
सुयोग्य खानपान: स्वस्थ और पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन करना बढ़ती हुई भूख को बढ़ा सकता है। उच्च प्रोटीन वाले भोजन जैसे दूध, दही, अंडे, फल, सब्जियां, दाल आदि लें।
पानी का सेवन: प्रतिदिन कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। यह शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करेगा और भूख को बढ़ाने में मदद कर सकता है।
व्यायाम करें: योग और अन्य व्यायाम प्रक्रियाएं शरीर की क्रियाशीलता को बढ़ा सकती हैं जो भूख को बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।
विश्राम करें: अच्छी नींद लेना शरीर को शांति और आराम प्रदान करता है जो भूख को बढ़ा सकता है।
स्ट्रेस कम करें: स्ट्रेस कम करने के लिए मेडिटेशन, ध्यान, योग आदि विकल्प हो सकते है |
(9) थकान से वचाव के अचुक उपाय
पर्याप्त नींद: प्रतिदिन कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेना थकान को कम करने में मदद कर सकता है।सुयोग्य आहार: स्वस्थ आहार सेवन करना थकान को कम करने में मदद कर सकता है। उच्च प्रोटीन वाले भोजन जैसे दूध, दही, अंडे, फल, सब्जियां, दाल आदि लें।
सुयोग्य विश्राम: दिनभर के काम के बाद सुयोग्य विश्राम लेना थकान को कम कर सकता है। चाहे आप अपने पसंद के अनुसार कुछ देर आराम करें या फिर सो जाएं।
योग और ध्यान: योग और ध्यान शारीर की क्रियाशीलता को बढ़ाते हैं, थकान को कम कर सकते हैं और मानसिक शांति देते हैं।
पानी की अधिक मात्रा में सेवन करें: अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखना थकान को कम करने में मदद कर सकता है। दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं |
(10) जलदर से वचाव के अचुक उपाय
सुबह-शाम पानी पीना: अधिकतम तौर पर जलदर शरीर में पानी की कमी के कारण होता है। इसलिए, दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए।स्वस्थ आहार: शुगर व चाय को ज्यादा नहीं पिएं। इसके अलावा, खाने में हमेशा स्वस्थ खाद्य पदार्थ शामिल करें। उत्तम आहार से शरीर को ऊर्जा मिलती है जिससे जलदर की समस्या से बचा जा सकता है।
अदरक और शहद: जलदर के लिए एक आयुर्वेदिक उपाय है, अदरक और शहद का उपयोग करना। एक गिलास गर्म पानी में अदरक और शहद मिलाकर पीने से शरीर में जलदर की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है।
आयुर्वेदिक दवाएं: आयुर्वेदिक दवाओं का उपयोग भी जलदर से बचने के लिए किया जा सकता है। डॉक्टर से सलाह लें और दवाओं का उपयोग करें।
समय पर आहर लें: दिनभर के समय पर खाने के साथ-साथ नियमित खाने से भी जलदर से बचा जा सकता है।
(11) गुर्दे की समस्या से वचाव के अचुक उपाय
पानी की अधिक मात्रा में सेवन करें: अधिक पानी पीने से गुर्दे को सही ढंग से काम करने में मदद मिलती है। रोजाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए।सोडियम की मात्रा कम करें: ज्यादा सोडियम आपके शरीर में अधिक आयोनों का उत्पादन करता है जो आपके गुर्दों को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए आपको अपने आहार में सोडियम की मात्रा को कम करना चाहिए।
स्वस्थ आहार लें: आपको स्वस्थ आहार लेना चाहिए जो गुर्दों को सही ढंग से काम करने में मदद करता है। आपके आहार में हरे पत्ते वाली सब्जियां, फल, अनाज, नट्स, और मछली शामिल होने चाहिए।
व्यायाम करें: योग और अन्य व्यायाम गुर्दों के स्वस्थ रहने में मदद कर सकते हैं। आप रोजाना कुछ मिनट व्यायाम कर सकते हैं, जैसे ट्रेडमिल पर चलना, योगा आसन करना, या स्विमिंग करना।
.png)
