इस लेख में Breast Cancer Symptoms के संकेत क्या है इसके होने के कारण क्या है इसकी शुरुआत कैसे होती है ब्रेस्ट कैंसर का पता कितने दिनो में चलता है| ब्रेस्ट कैंसर का पता कैसे लगाते है ब्रेस्ट कैंसर का पहला संकेत क्या होता है?
इसकी गांठ कैसी होती है क्या सभी ब्रेस्ट गांठ कैंसर की होती है
अगर किसी व्यक्ति के परिवार में Breast Cancer Symptoms के मरीज हुए हों तो उन्हें अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए। ऐसे मामलों में व्यक्ति को नियमित रूप से स्वयं स्तन परीक्षण करना चाहिए और अगर कोई संकेत मिलता है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।आदि इन सभी के बारे में इस लेख में विस्तार पूर्वक बताया गया है आइये फिर आगे पढे इस लेख में ब्रेस्ट कैंसर आपके लिए कितना खतरनाक व घातक है |
Breast Cancer Symptoms की शुरुआत कैसे होती है?
Breast Cancer Symptoms के 6 चेतावनी संकेत क्या है?
- स्तन में गांठ या टीले: स्तन में अनुभव की जाने वाली सबसे सामान्य समस्याओं में से एक है। ये गांठ हाथ से छूने पर ठोस या थोड़ी सी मदद से हल्की दबाव में महसूस होती हैं।
- स्तन की त्वचा का सूखापन या संकुचन: स्तन की त्वचा का सूखापन या संकुचन या अतिसूखापन भी स्तन कैंसर का लक्षण हो सकता है।
- निप्पल के आसपास रसोली: स्तन में कैंसर के विकार के चलते निप्पल के आसपास रसोली का विकास हो सकता है।
- स्तन से आवृत्ति का पानी या रक्त: कभी-कभी स्तन से आवृत्ति का पानी या रक्त निकल सकता है, जो एक ब्रेस्ट पैट या अंडरगार्मेंट में से निकल सकता है।
- स्तन या बाँह में दर्द: असामान्य रूप से या लम्बे समय तक ब्रेस्ट या बाँह में दर्द होना भी स्तन कैंसर का एक लक्षण हो सकता है।
- असामान्य स्तन के आकार या आकार में परिवर्तन: स्तन कैंसर के विकार के चलते स्तन का आकार या आकार में परिवर्तन हो जाता है कभी-कभी एक स्तन दूसरे से अधिक बड़ा हो सकता है या दोनों स्तनों में आकार और आकृति में अंतर हो सकता है।
Breast Cancer Symptoms की शुरुआत कैसे होती है?
ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआत आमतौर पर एक स्तन में एक या एक से अधिक गांठ के रूप में होती है। इन गांठों को लम्बे समय तक नजरअंदाज न किया जाए, क्योंकि वे कैंसर के संकेत हो सकते हैं।ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती अवस्था में, कैंसर को उपस्थित होने वाले स्तन के कोशिकाओं में से एक या अधिक कोशिकाएं नियंत्रित तरीके से नहीं बढ़ती हैं और उनकी जगह नयी कोशिकाएं बनती हैं, जिन्हें असामान्य रूप से तेजी से और अनियंत्रित रूप से बढ़ाया जाता है। ये नये कोशिकाएं गांठ के रूप में दिखाई देती हैं और अधिकतर मामलों में गांठ स्तन के ऊतकों में अलग-अलग स्थानों पर उपस्थित होती है।
अधिकतर महिलाओं के लिए, स्तन कैंसर की शुरुआती अवस्था में गांठ नजरअंदाज होती है। इसलिए, नियमित रूप से स्तनों की जांच करवाना महत्वपूर्ण होता है।
Breast Cancer Symptoms कितने दिन में पता चलता है?
ब्रेस्ट कैंसर के पते चलने का समय व्यक्ति के शरीर के अनुसार भिन्न हो सकता है। कुछ महिलाओं के मामलों में, स्तन कैंसर के लक्षण शुरुआती अवस्था में दिखाई देते हैं, जबकि कुछ महिलाओं के मामलों में कैंसर लंबे समय तक समय तक बिना लक्षणों के विकसित होता है।
ब्रेस्ट कैंसर को कैसे चेक करें?
स्तन कैंसर को जल्द से जल्द चेक कराना बेहद जरूरी होता है। यह एक सरल प्रक्रिया है जो घर पर भी की जा सकती है। नीचे बताए गए चरणों को फॉलो करके आप स्तन कैंसर की जांच कर सकते हैं:
- सेल्फ एग्जामिनेशन: आप खुद ही अपने स्तनों की जांच कर सकते हैं। इसमें आपको अपने हाथों का इस्तेमाल करके स्तनों को चेक करना होगा। इसमें स्तनों के आकार, रंग, जन्मे, आवाज, स्तन में कोई गांठ या कोई अन्य विशेषता की जांच की जाती है।
- क्लिनिकल जांच: यह एक डॉक्टर द्वारा स्तनों की जांच होती है जिसमें आपके स्तनों की जांच करने के लिए बाहर से दोनों हाथों का इस्तेमाल किया जाता है। डॉक्टर आपके स्तनों को छूकर, दबाकर, फिराकर और टिप्पणी करके जांच करेंगे।
- मैमोग्राफी: यह एक स्तन जांच का विशेषज्ञ द्वारा किया जाता है जिसमें एक स्तन एक्स-रे लिया जाता है। इस जांच से कैंसर या गांठ का पता लगता है।
- एकोग्राफी: यह एक स्तन जांच होती है जिसमें एक स्तन स्कैनर द्वारा स्तन के अंदर की छवि बनाई जाती है।
शरीर में ब्रेस्ट कैंसर का पहला संकेत क्या होता है?
शरीर में ब्रेस्ट कैंसर के पहले संकेतों में से एक सामान्य रूप से स्तनों में गांठ होना होता है। यह गांठ मुख्य रूप से स्तन की ऊपरी सतह पर होती है लेकिन कुछ मामलों में यह गांठ स्तन के अंदर भी हो सकती है।इस गांठ को हाथों से छूकर या दबाकर महसूस किया जा सकता है। इसके अलावा, ब्रेस्ट कैंसर के अन्य संभावित संकेतों में स्तनों में दर्द या आवाज, स्तन के आकार में बदलाव, स्तन के अंदर भी गांठ होना और स्तन की त्वचा में संकेतों का उल्लेख किया जाता है।
इन संकेतों के साथ-साथ, अन्य लक्षण जैसे कि एक स्तन से अधिक निकलने वाली निर्मल धातु या खून, स्तन की त्वचा के लाल या घाव के जैसे अनोखे संकेत भी हो सकते हैं। यदि आपको यह संकेत मिलते हैं तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए और जाँच कराना चाहिए।
ब्रेस्ट कैंसर की गांठ कहाँ होती है?
ब्रेस्ट कैंसर की गांठ मुख्य रूप से स्तन की ऊपरी सतह पर होती है, लेकिन कुछ मामलों में यह गांठ स्तन के अंदर भी हो सकती है। यह गांठ समान या असमान हो सकती है और यह हाथ से छूटे या दबाए जाने पर महसूस की जा सकती है। इसके अलावा, ब्रेस्ट कैंसर की गांठ ठंडी या गर्म हो सकती है और समय के साथ इसका आकार बदलता रहता है।यदि आपके स्तनों में कोई गांठ होती है, तो आपको अपने डॉक्टर से जाँच करवाना चाहिए। एक ब्रेस्ट कैंसर गांठ की जाँच करने के लिए मामलों की तुलना में ज्यादातर स्तन डॉक्टर के बहुत कुछ करने के लिए नहीं होते हैं।
ब्रेस्ट कैंसर किस उम्र में हो सकता है?
ब्रेस्ट कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन अधिकतर महिलाओं में उम्र के साथ इसकी संभावना बढ़ती है। सामान्यतया, 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले ज्यादा होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह उम्र कम होती हुई भी हो सकता है।इसके अलावा, ब्रेस्ट कैंसर के विभिन्न प्रकार होते हैं और उनकी संभावना और विकास के कारक भी भिन्न होते हैं। उदाहरण के लिए, ब्रेस्ट कैंसर के एक प्रकार, जो जीवाणु आधारित होता है, युवा महिलाओं में ज्यादा होता है जबकि दूसरे प्रकार का ब्रेस्ट कैंसर में उम्र का बड़ा योगदान होता है।
इसलिए, हर उम्र की महिला को अपने स्तनों की नियमित जाँच करवानी चाहिए।
क्या ब्रेस्ट में हर गांठ कैंसर होती है?
नहीं, ब्रेस्ट में हर गांठ कैंसर नहीं होती है। ब्रेस्ट में कई प्रकार की गांठ हो सकती हैं, जो आमतौर पर बेनाइन होती हैं, जिसका मतलब होता है कि वे कैंसर नहीं होती हैं।अगर किसी महिला के स्तन में गांठ होती है, तो उसे अपने डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। डॉक्टर एक ब्रेस्ट स्क्रीनिंग टेस्ट कराएंगे, जैसे कि मैमोग्राफी, एल्ट्रासाउंड, या मैग्नेटिक रिसोनेंस इमेजिंग (MRI), ताकि वे गांठ के लिए सही निदान लगा सकें।
लेकिन, इस बात को भी ध्यान में रखना जरूरी है कि ब्रेस्ट में बेनाइन गांठ का होना ब्रेस्ट कैंसर के विकास की संभावना को बढ़ा सकता है, इसलिए नियमित ब्रेस्ट स्क्रीनिंग टेस्ट करवाना बहुत महत्वपूर्ण है।
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