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| एलर्जी को जड़ से खत्म करना |
एलर्जी एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली किसी विशिष्ट पदार्थ को अनुभव करने पर अपने आप को उस पदार्थ से बचाने के लिए उत्तेजित करती है। इससे व्यक्ति को विभिन्न तरह के लक्षणों का सामना करना पड़ता है जैसे खांसी, जुकाम, आंखों में खुजली, त्वचा में लाल दाने या खुजली,खून में एलर्जी, स्किन एलर्जी , नाक और गले की एलर्जी, अस्थमा एलर्जी आदि। एलर्जी का कारण विभिन्न हो सकते हैं जैसे खाद्य पदार्थ, वायु प्रदूषण, धूल, कीटाणु आदि।
एलर्जी के लक्षणों को कम करने के लिए अंतिम लक्ष्य उनके कारणों को पहचानना और उन्हें दूर करना होता है। इसके अलावा, एलर्जी के लक्षणों को कम करने के लिए एलर्जी दवाइयों, नेचुरल रेमेडीज और आहार को संतुलित करने जैसे उपाय भी उपलब्ध होते हैं। आइये एलर्जी को जड़ से खत्म करना चाहते है तो पढे आसान से घरेलू उपचार|
एलर्जी को जड़ से खत्म करना चाहते है तो पढे आसान से घरेलू उपचार व लक्षण
एलर्जी खांसी की आयुर्वेदिक दवा
- हल्दी: हल्दी खांसी, सांस फूलने और एलर्जी से जुड़ी अन्य समस्याओं के लिए एक प्रभावी और प्राकृतिक उपचार हो सकता है। हल्दी में कुछ विशेष तत्व होते हैं जो एलर्जी से लड़ने में मदद कर सकते हैं।
- तुलसी: तुलसी में एंटी-ऑक्सिडेंट गुण होते हैं जो श्वसन संबंधी समस्याओं के लिए बहुत उपयोगी होते हैं। इसके अलावा, तुलसी खांसी और सांस की समस्याओं के लिए एक शक्तिशाली एंटी-हिस्टामीन होता है जो एलर्जी के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।
- शुंघणी: शुंघणी एलर्जी और सांस की समस्याओं के लिए बहुत उपयोगी होता है। यह खांसी को कम करने में मदद करता है और फ्लेम और नाक से आने वाली चीजों को साफ करता है।
- मुलेठी: मुलेठी में एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुण होते हैं जो खांसी और सांस संबंधी समस्याओं के लिए बहुत उपयोगी होते हैं। इसके अलावा, यह एलर्जी से जुड़ी अन्य समस्याओं को भी कम करने में मदद करता है। मुलेठी का जूस या उससे बनी चाय खांसी और सांस संबंधी समस्याओं के लिए बहुत उपयोगी होता है।
- शियाल्की: शियाल्की में एंटी-ऑक्सिडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुण होते हैं, जो खांसी और सांस संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं। यह एलर्जी से जुड़ी समस्याओं को भी कम करने में मदद करता है।
एलर्जी खुजली की दवा
एलर्जी खुजली की दवा का चयन आमतौर पर एलर्जी के कारण और लक्षणों के आधार पर किया जाता है। यह कुछ दवाओं में से हो सकता है:
- एंटीहिस्टामाइन दवाएं: ये दवाएं एलर्जी के लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं, जिनमें खुजली शामिल है। इनमें सेटीरिजीन, लोरटाडाइन और सीटीरिज़िन शामिल हो सकती हैं।
- कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवाएं: ये दवाएं एलर्जी के लक्षणों को दूर करने में मदद करती हैं, जैसे कि खुजली और संक्रमण से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकती हैं।
- एलर्जी नियंत्रण दवाएं: ये दवाएं एलर्जी के प्रतिक्रियाओं को कम करने में मदद करती हैं, जो खुजली का एक कारण हो सकते हैं। इनमें मोंटेलुकास्ट, सोडियम क्रोमोग्लिकेट और नेडोक्रोमिल शामिल हो सकती हैं।
- अलर्जी रोकथाम दवाएं: ये दवाएं एलर्जी के कारण खुजली को रोकने में मदद करती हैं। इनमें अलर्गी-फाइट और आईएमयूनोथेरेपी शामिल हो सकती है |
- अंटी-इंफ्लेमेट्री दवाएं: अंटी-इंफ्लेमेट्री दवाओं का उपयोग खुजली और संक्रमण से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद करने के लिए किया जाता है। इनमें परासेटामोल और इबुप्रोफेन शामिल हो सकते हैं।
एलर्जी खुजली की दवाओं के साथ, आप खुजली से बचने के लिए कुछ सावधानियों का भी पालन कर सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
- खुजलाहट को सुखा रखने के लिए नम और ठंडे तौलिये का उपयोग करें।
- उन जगहों पर ताजा और स्वस्थ रहें जहां आपको अधिक संभवतः एलर्जी के कारकों से संपर्क हो सकता है।
- अपने खाने की आदतों में परिवर्तन करें और वह खाद्य पदार्थ खाएं जो आपकी एलर्जी को बढ़ावा नहीं देते हैं।
- अपने डॉक्टर से सलाह लें और नियमित रूप से उनके साथ आपकी एलर्जी के लक्षणों का परीक्षण करें।
खून में एलर्जी के लक्षण व उपाय
खून में एलर्जी के लक्षणों को हेमोआलर्जी कहा जाता है। यह अत्यधिक प्रतिक्रिया के कारण होता है जब शरीर एक विशिष्ट पदार्थ के लिए ज्यादा संवेदनशील होता है। इसके लक्षण निम्नलिखित होते हैं:
- खुजली: खुजली या त्वचा में लाल दाने खुजलाहट का अनुभव हो सकता है। यह विशिष्ट पदार्थ से संबंधित होता है जिससे शरीर की प्रतिक्रिया होती है।
- जलन: खून में एलर्जी से प्रभावित व्यक्ति को अधिक ताप और जलन महसूस होती है।संक्रमण: हेमोआलर्जी एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अत्यधिक सक्रिय होती है जो आंतरिक रूप से संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकती है।
- विवरण कमजोरी: एलर्जी के अधिक प्रतिक्रियाशील व्यक्ति को विवरण कमजोरी हो सकती है। इसका मतलब है कि उन्हें अधिक थकान और कमजोरी का अनुभव हो सकता है |
- सांस लेने में तकलीफ: अत्यधिक हेमोआलर्जी से प्रभावित व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है |
एलर्जी के कारणों को पहचानें: एलर्जी के कारण को जानना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए आपको अपने चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए जो आपके शरीर में एलर्जी के लक्षणों को निर्धारित करने में मदद करेंगे।
- एलर्जी से बचें: एलर्जी से बचना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए आपको अपने शरीर से एलर्जी के कारणों को दूर रखने के लिए उचित ध्यान देना चाहिए।
- दवाइयों का उपयोग: अंतिम अवस्था में, चिकित्सा विशेषज्ञ एलर्जी के लक्षणों के उपचार के लिए दवाइयों को सलाह देते हैं। एलर्जी से निपटने के लिए एंटीहिस्टामीन, स्टेरॉइड और डी-कंगेस्टेंट दवाइयां आमतौर पर उपयोग की जाती हैं। घरेलू उपचार: एलर्जी से निपटने के लिए कुछ घरेलू उपचार भी मार्गदर्शन के रूप में उपयोगी हो सकते हैं। इनमें शहद, लेमन जूस, लौंग, जायफल, चाय पत्ती और नींम का सेवन करें |
स्किन एलर्जी का देसी इलाज
स्किन एलर्जी एक आम समस्या है और यह विभिन्न कारणों से हो सकती है। यह चरम तक बढ़ सकती है और खुजली, लाल दाने, रैश, खरोंच और सूखापन जैसे लक्षणों के साथ होती है। यदि आप इस समस्या से पीड़ित हैं, तो निम्न देसी उपाय आपकी मदद कर सकते हैं:
- नीम और तुलसी: नीम और तुलसी में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो त्वचा की सुरक्षा करते हैं। इन्हें पीसकर त्वचा पर लगाने से स्किन एलर्जी कम हो सकती है।
- हल्दी और दूध: हल्दी और दूध एक दूसरे के साथ मिश्रित करके उत्तम प्राकृतिक उपचार होता है। यह त्वचा को मृदु बनाता है और स्किन एलर्जी से निजात पाने में मदद करता है।
- मलाई: मलाई में विटामिन ई होता है जो त्वचा के लिए उत्तम होता है। इसे स्किन पर लगाने से त्वचा की नमी बनी रहती है और स्किन एलर्जी से राहत मिलती है।
- आयल और लहसुन: लहसुन में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं और आयल त्वचा को नर्म बनाते है | इन्हें मिश्रित करके त्वचा पर लगाने से स्किन एलर्जी कम हो सकती है।
- खीरा: खीरे में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो स्किन एलर्जी को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसे छीलकर टुकड़ों में काटकर त्वचा पर लगाएं।
- गुलाब जल: गुलाब जल में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो त्वचा की नमी को बनाए रखते हैं। इसे स्किन पर लगाने से स्किन एलर्जी से राहत मिलती है।
- दही: दही में प्रोबायोटिक होते हैं जो त्वचा को नर्म बनाए रखते हैं। इसे स्किन पर लगाने से स्किन एलर्जी से राहत मिलती है।
नाक और गले की एलर्जी के लक्षण और उपचार
नाक और गले की एलर्जी आमतौर पर उच्च शुष्कता, खांसी, जुकाम, नाक बहना और खुजली जैसे लक्षणों के साथ आती है। यह एक प्रकार की हाइपरसेंसिटिविटी रिएक्शन होता है जब व्यक्ति किसी विशेष एलर्जन के संपर्क में आता है। गले में बदहजमी और गले में दर्द भी हो सकता है। यहां कुछ उपाय हैं जो नाक और गले की एलर्जी के लिए लाभकारी हो सकते हैं:- एंटीहिस्टामीनिक दवाएं: एंटीहिस्टामीनिक दवाएं एलर्जी लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती हैं। ये दवाएं एलर्जन से जुड़े रिएक्शन को रोकती हैं जो नाक और गले में एलर्जी के लक्षणों का कारण बनते हैं।
- नासल स्प्रे: नाक और गले की एलर्जी के लिए नासल स्प्रे उपलब्ध होते हैं। इन स्प्रे का उपयोग नाक और गले में बदहजमी को कम करने में मदद कर सकता है।
- घरेलू उपचार: गुड़ा, शहद, अदरक और टुलसी का उपयोग नाक और गले की एलर्जी से राहत प्रदान करने में मदद कर सकता है। इन घरेलू उपचारों को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।
- ह्यारो थेरेपी: ह्यारो थेरेपी एक नासल स्प्रे है जो नाक में बदहजमी को कम करने में मदद करता है। इस उपचार का उपयोग नाक और गले की एलर्जी से राहत प्रदान करने के लिए किया जाता है।
- एलर्जी टेस्ट: एलर्जी टेस्ट आपकी एलर्जी के कारणों को खोजने में मदद कर सकता है। यह टेस्ट आपके डॉक्टर द्वारा किया जाता है जो आपकी एलर्जी के लक्षणों का कारण ढूंढने में मदद करता है।
- एलर्जन से बचें: अपनी एलर्जी के कारणों से बचने के लिए जिन चीजों से आप जानते हैं कि आपको उनसे एलर्जी होती है, उनसे दूर रहें। इससे आपको नाक और गले की एलर्जी से बचाने में मदद मिल सकती है।
एलर्जी अस्थमा के लक्षण
एलर्जी अस्थमा के लक्षण व्यक्ति के उम्र, उपयोगिता, एलर्जी के प्रकार, एलर्जी के संदर्भ और एलर्जी के विकार से भिन्न हो सकते हैं। नीचे कुछ सामान्य लक्षण दिए गए हैं जो एलर्जी अस्थमा के लक्षण हो सकते हैं:सांस लेने में तकलीफ: एलर्जी अस्थमा के मरीजों में सांस लेने में तकलीफ होती है जो धीमी, गहरी या उच्च श्वसन या उच्च सांस लेने से पैदा होती है। यह एक अहसास होता है कि वे बाहर खींच नहीं सकते हैं।
घातक दमा: एलर्जी अस्थमा के मरीजों को कुछ समय तक सांस लेने के लिए उपयुक्त उपकरणों के बिना रहने के बाद बहुत बुरी स्थिति होती है जो उन्हें नियंत्रण से बाहर छोड़ सकती है। यह स्थिति घातक दमा के रूप में जानी जाती है
सांस लेने में उल्टी जलन: एलर्जी अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में उल्टी जलन या गले में जलन का अनुभव होता है।
दर्द: एलर्जी अस्थमा के मरीजों को छाती में दर्द का अनुभव होता है।
जुकाम और नाक से विवर्त: एलर्जी अस्थमा के मरीजों को जुकाम और नाक से विवर्त का अनुभव होता है।
एलर्जी को जड़ से खत्म करना
एलर्जी को जड़ से खत्म करना संभव नहीं होता, लेकिन आप इसे कम से कम कर सकते हैं या इससे बच सकते हैं। यह कुछ आसान उपाय हैं जिनका उपयोग करके आप एलर्जी को नियंत्रित कर सकते हैं:
- आप अपने आसपास के दुष्कर्मों से बचने के लिए कदम उठा सकते हैं। इसमें अपने घर को साफ-सुथरा रखना और उसमें धूल और धुएं को साफ करना शामिल है। इसके अलावा, घर में हमेशा खिड़कियों को खुले रखने और एयर प्यूरिफायर का उपयोग करना भी अस्थमा और एलर्जी से बचने में मदद कर सकता है।
- एलर्जी टेस्ट करवाने से आप जान सकते हैं कि आपको कौन सी चीजें एलर्जी हैं। इस जानकारी के आधार पर आप उन चीजों से बच सकते हैं जिनसे आपको एलर्जी होती है।
- आप खाने-पीने में सुधार कर सकते हैं। इसमें उन आहार और पेय का सेवन नहीं करना शामिल है जो आपको एलर्जी करते हैं।
एलर्जी एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर विदेशी पदार्थों के साथ रिएक्शन करता है जिससे लक्षण जैसे सांस लेने में तकलीफ, खांसी, खुजली और त्वचा के लाल दाने होते हैं। एलर्जी का इलाज अपनी असली वजह पर निर्भर करता है, जिसे जांच करने के लिए आपको एलर्जिस्ट से परामर्श करना चाहिए। आप दवाओं के साथ-साथ घरेलू उपाय और आहार में परिवर्तन भी कर सकते हैं जो आपकी शरीर को एलर्जी से लड़ने में मदद करते हैं। समय रहते एलर्जी के संबंध में जागरूकता बढ़ाने से आप एलर्जी से बचने में मदद कर सकते हैं।
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